दर्शन


भगवान भैरव जी है साक्षात शिव भगवान भैरव जी कोई अन्य नही शिव के पांचवी अवतार है भगवान भैरव जी के पूजा शिव के समान ही है और एवं अति शीघ्र प्रसन्न होने वाली देव है

मन्दिर खुलने का समय
सुबह 06:00 बजे से 12 :30 तक
दोपहर 01:00 बजे से रात्रि 09:00 बजे तक खुले रहते है

भैरव आरती
प्रातः आरती 07:00 बजे
मध्यन्ह आरती 12 :30
सायंकाल आरती 07:00 बजे


मंदिर बनते हैं प्रत्येक वर्ष कि सावन माह में सवा लाख पार्थिव शिवलिंग


मंदिर बनते हैं प्रत्येक वर्ष कि सावन माह में सवा लाख पार्थिव शिवलिंग| भगवान भैरव जी शिव के पांचवी अवतार होने की वजह से सावन में विशेष पूजा किए जाते हैं इसी उपलक्ष्य में सवा लाख पार्थिव शिवलिंग एवं प्रतिदिन रुद्राभिषेक एवं शिव महापुराण का भी आयोजन हर वर्ष किए जाते हैं

सावन में भगवान शिव की पूजा और व्रत का विशेष महत्व है। सावन के पहले सोमवार से ही कई लोग व्रत की शुरुआत करते हैं। भोलेनाथ की पूजा और आराधना करने से वैवाहिक जीवन में सुख और शांति आती है। यह महीना शिव की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है।

05

नवरात्रि कालभैरव दर्शन