About Bhairav Baba

श्री सिद्ध तंत्र पीठ भैरव बाबा मंदिर

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श्री सिद्ध तंत्र पीठ भैरव बाबा मंदिर रतनपुर

श्री सिद्ध तंत्र पीठ भैरव बाबा मंदिर रतनपुर जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़ भगवान भैरव जी का मन्दिर अति प्राचीन है ये अनुमानित 11 वीं शताब्दी का है सही अंदाजा तो नही है रतनपुर में और भी धार्मिक मंदिर है जो सब एक ही समय का मंदिर है चाहे महामाया देवी मंदिर हो या लक्ष्मी देवी मंदिर हो यह सब अति प्राचीन मंदिर में एक है कुछ पुरानी लोग का कहना है कि राजारत्न देव ने इस मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा करवाए थे भगवान भैरवनाथ का इतनी बड़ी मिसाल मूर्ति पूरे विश्व में कहीं नहीं है यह मात्र छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिला अंतर्गत रतनपुर में है जो लगभग 13 फीट ऊंचाई का मूर्ति है भगवान भैरवनाथ तुरंत मनोकामना को पूर्ण करने वाले देव में से एक है मंदिर के अंदर एक कुंड है जिस कुंड के जल से भगवान भैरव जी का स्नान कराए जाते हैं इस मंदिर में सात्विक एवं तांत्रिक पद्धति से पूजा किये जाते है

मंदिर का निर्माण वास्तु शास्त्र के अनुसार किए गए हैं जो 16 खंभों से सु सुजीत ढंग से निर्माण किए गए जो देखने ही मन मोह लेते हैं मंदिर की सामने आंगन में भी बहुत बड़ा हाल है जो यात्रियों के बैठने एवं छाया के लिए बनाए गए हैं मंदिर में प्रत्येक वर्ष धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम होते हैं जिसमें मुख्य रूप से सामूहिक विवाह निशुल्क किए जाते हैं जो मंदिर द्वारा वर-वधू को वस्त्र आभूषण एवं दहेज की सम्मान देकर उनको वैदिक रीति-रिवाज से विवाह संपन्न कराए जाते हैं साथ ही ब्राह्मण बटुको का सोलह संस्कार में एक संस्कार होते उपनयन संस्कार वह मंदिर द्वारा प्रत्येक वर्ष निशुल्क किए जाते हैं जिसमें सभी के परिवार जनों को भोजन एवं बटुक ब्राह्मण को पूजन सामग्री वस्त्र प्रदान किए जाते हैं इसके साथ ही मंदिर में दो नवरात्रि चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी तक की नवरात्रि महोत्सव मनाए जाते हैं जिसमें सभी भक्तजनों की मनोकामना पूर्ण हेतु ज्योति कलश भी जलाए जाते हैं जो 9 दिन तक के अखंड ज्योति के रूप में जलते रहते हैं जिससे भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती है वैसे ही अश्विन मास की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से नवमी तिथि तक की भी अखंड दीप प्रज्वलित किए जाते हैं जो सभी भक्तों की मनोकामना को पूर्ण करें एवं साथ में चंडी यज्ञ भगवान भैरव जी का विशेष भैरव अष्टमी बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाते हैं जिसमें भगवान भैरव जी का विशाल शोभायात्रा भी निकाली जाती थी एवं रूद्र यज्ञ रूद्र महायज्ञ लक्ष्मी नारायण यज्ञ हरिहर आत्मक यज्ञ मंदिर में की जाती हैं यह भगवान भैरव जी की जयंती मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष अष्टमी को मनाए जाते हैं जो रतनपुर में पूरा हर्षोल्लास भक्ति के माहौल बने रहते हैं

मंदिर बनते हैं प्रत्येक वर्ष कि सावन माह में सवा लाख पार्थिव शिवलिंग भगवान भैरव जी शिव के पांचवी अवतार होने की वजह से सावन में विशेष पूजा किए जाते हैं इसी उपलक्ष्य में सवा लाख पार्थिव शिवलिंग एवं प्रतिदिन रुद्राभिषेक एवं शिव महापुराण का भी आयोजन हर वर्ष किए जाते हैं

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